MP PATWARI BHARTI 2023 : शिवराज ने लगाई पटवारी भर्ती 2023 पर रोक, क्या हुआ है घोटाला?

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MP PATWARI BHARTI 2023 में NRI कॉलेज द्वारा घोटाले की खबर के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का बड़ा कदम

MP Patwari Bharti : मध्य प्रदेश में पटवारी परीक्षा के आधार पर हुई नियुक्ति रोकी गई

MP PATWARI BHARTI 2023 : मध्यप्रदेश में आयोजित हुई पटवारी भर्ती परीक्षा में घोटाले की खबर ने बवाल मचा दिया है। घोटाले में बीजेपी विधायक का नाम भी सामने आया है।जहाँ पर टॉप 10 टॉपर में से 7 टॉपर एक ही कॉलेज के बताये जा रहे है.

बताया जा रहा है यह सेंटर भिंड के विधायक का है। इसके बाद परीक्षा रद्द करने की मांग तेज होने लगी है। टॉपरों की लिस्ट के अलावा एमपीपीईबी ने विभाग अनुसार टॉप अभ्यर्थियों की लिस्ट भी जारी की गई है। इन सबके अलावा अनारक्षित, सैनिक, ओपन कैटेगरी के 06 अभ्यर्थियों की संशोधित मेरिट एवं संशोधन उपरांत अभ्यर्थियों का परिणाम (केवल प्रभावित अभ्यर्थियों का) जारी किया है। यही नहीं, पोस्ट वाइज, कैटेगरी वाइज कटऑफ, मेरिट लिस्ट और मार्क्स की डिटेल्स भी जारी की गई है।

क्या कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहाँ है की कर्मचारी चयन मंडल द्वारा समूह 2 उप समूह 4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परीक्षा परिणाम में एक सेन्टर के परिणाम पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इस परीक्षा के आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां अभी रोक रहा हूँ। सेन्टर के परिणाम का

पुनः परीक्षण किया जाएगा: CM

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने भी सरकार पर बोला हमला

कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित समूह-2, उप समूह-4 एवं पटवारी भर्ती परीक्षा के परिणाम में धांधली के समाचार सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने नियुक्तियां रोकने का फैसला कर, यह स्वीकार कर लिया है कि इन परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली और घोटाला हुआ है।
मैं मुख्यमंत्री से स्पष्ट शब्दों में कहना चाहता हूं कि कोई भी फैसला ऐसा होना चाहिए जिसमें अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं हो।

नियुक्तियां रोकना एक बात है और असली दोषियों को पकड़ना दूसरी बात है। व्यापम और नर्सिंग घोटाले में भी सरकार ने इससे मिलती-जुलती कार्यवाही करके मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की थी और सत्ताधारी दल से जुड़े मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाया था।

मध्य प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि पटवारी भर्ती घोटाला के मुख्य कर्ता-धर्ता कौन हैं और उनका भारतीय जनता पार्टी से क्या संबंध है? और अगर संबंध है तो वह कानून के शिकंजे में कब आएंगे?

हस्ताक्षर से उठे सवाल

अपने प्रवेश पत्र में टॉप 10 में से 6 अभ्यर्थियों ने हिंदी में तथा 4 ने अंग्रेजी में हस्ताक्षर किये हैं। परीक्षा की नियमावली में हस्ताक्षर पर भाषा का बंधन नहीं है, परन्तु अभ्यर्थी के हस्ताक्षर स्पष्ट होने पर ही परीक्षा प्रवेश पत्र जारी किया जाता है। टॉप 10 अभ्यर्थी को अंग्रेजी सेक्शन में 25 में से 13 से 23 तक अंक मिले।

अभ्यर्थी द्वारा आवेदन-पत्र भरते समय अपना फोटो अपलोड करना अनिवार्य है। फोटो के आधार पर मंडल किसी की अभ्यर्थिता तभी निरस्त करता है जब फोटो आधा अधूरा/ कटा/ अस्पष्ट / मास्क के साथ, इत्यादि है, जिससे अभ्यर्थी की पहचान करने में कठिनाई हो, अन्यथा नहीं।

 

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